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अंग्रेजी विभाग

प्रो. सोमदेब बानिक

विभाग प्रमुख

विभाग का संक्षिप्त परिचय

सन् 1990 ई. में कॉलेज टीला परिसर (अगरतला) से अपना सफर प्रारंभ करने वाला अंग्रेजी विभाग आज पूर्ण विकसित विभाग में परिणत हो चुका है। उनदिनों विभाग में संकायों के सिर्फ चार स्वीकृत पद थे तथा विभाग में छात्रों की प्रवेश क्षमता महज 30 थी। अब उच्च शिक्षा में अंग्रेजी विषय की बढ़ती मांग को ध्यान मेंरखकर छात्रों के प्रवेश की क्षमता को बढ़ाकर 100 कर दिए गया है, जबकि स्वीकृत संकायों की संख्या बढ़ाकर 9 करने का विचार है, संप्रति विभाग में 8 स्थायी संकाय सदस्य हैं। सन् 2008 में सेमेस्टर प्रणाली मेंरुपान्तरण के साथ अंग्रेजी पाठ्यक्रम को अद्यतन करते हुए अन्य विभिन्न केन्द्रीयविश्वविद्यालयों के समरूप कर दिया गया है। इस प्रकार नयापाठ्यक्रम साहित्य,भाषा और अनुवाद अध्ययन से सम्बंधित वैकल्पिक पत्रों केवृहद स्वरूप को भी समाविष्ट करता है। विभाग में प्रवेश हेतु मात्रत्रिपुरा या त्रिपुरा विश्वविद्यालय के ही छात्र नहीं आते बल्कि पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल से भी छात्र आते हैं। विभाग युवा-समूह तथा समर्पित शिक्षकों के नेतृत्व में शैक्षिक तथाको करिकुलर गतिविधियोंदोनों क्षेत्रों में सरलता और रचनात्मकता कोप्रोत्साहित करता है ।

Vision

  • The Department aims at achieving synthesis between literature and culture, the global and the local, academic excellence and individual talent, and envisages to imbibe in the students a quest for knowledge with the touch of the humane.

Mission

  • To encourage intellectual autonomy and interdisciplinary innovation amongst the students.
  • To encourage creative writing as well as the critical and analytical abilities of the students.
  • To create a conducive and dynamic environment to nurture students and research scholars, who would then go on to create a robust alumni network which would continue to be an important asset to the department.

स्थापना वर्ष

1990

विभागाध्यक्ष

प्रो. सोमदेब बानिक

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