जैवसूचना केन्द्र

विभाग का संक्षिप्त परिचय:

विश्वविद्यालय में विभिन्न स्तरों पर जैव-सूचना विज्ञान संबंधी बुनियादी सुविधाएं (बीआईएफ) के विस्तार के उद्देश्य से त्रिपुरा विश्वविद्यालय, सूर्यमणिनगर – 799022, त्रिपुरा में जैव-सूचना विज्ञान केन्द्र की स्थापना सन् 2008 के दौरान की गई। यह केन्द्र जैवप्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है। केन्द्र, दो सुसज्जित प्रयोगशालाओं के साथ शैक्षिक भवन-II की दूसरी मंजिल पर अवस्थित है। प्रयोगशालाएं क्रमश: प्रयोगशाला–प्रथम और प्रयोगशाला–द्वितीय हैं। प्रयोगशाला–प्रथम विभिन्न उपकरणों से सुसज्जित हैं जबकि प्रयोगशाला-द्वितीय प्रशिक्षण सुविधाओं, लघु-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों, संगोष्ठियों, व्याख्यानों आदि हेतु उपयोग में लाई जाती है। जैव-सूचना विज्ञान के माध्यम से बीआईएफ जीवविज्ञान के अध्यापन को सहजता प्रदान करता है। अपने आरंभ काल से ही केन्द्र - प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, शैक्षिक गतिविधियों, कक्षा-कार्यक्रमों इत्यादि के माध्यम से कई नवोन्मेषी कार्यों का विकास करता रहा है।

उद्देश्य:

  • बायोलॉजी और इसके संबद्ध क्षेत्रों की शिक्षण गतिविधियों का समर्थन करने के लिए मेजबान संस्थान विशेष रूप से और पड़ोसी संस्थानों में सामान्य रूप से।
  • जैव सूचना विज्ञान के आवेदन को परिचित करने के लिए प्रशिक्षण / कार्यशाला को व्यवस्थित करने के लिए जीव विज्ञान में शिक्षण और सीखने की गतिविधियों में

स्थापना वर्ष :

2008

समन्वयक(आईसी):

डॉ. सुराजीत भट्टाचार्य, सहायक प्रोफेसर, आणविक जीवविज्ञान विभाग और जैव सूचना विज्ञान

संगोष्ठी / सम्मेलन / कार्यशाला आयोजित

  • गणितीय जीनोमिक्स पर कार्यशाला, 23-28 जनवरी, 2017
  • बायोइनफॉरमैटिक्स के जीनोमिक डेटा विश्लेषण के लिए कार्यशाला, 20-21 नवंबर, 2015
  • जैव सूचना विज्ञान के मौलिक अनुप्रयोगों पर कार्यशाला 27-28 मार्च, 2015
  • "मूलभूत उपकरण और तकनीकों में जैव सूचना विज्ञान पर कार्यशाला", 28-29 मार्च, 2014
  • मौलिक जैव सूचना विज्ञान और इसके अनुप्रयोग, 22 जनवरी, 2014

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अंतिम अद्यतनीकरण : 25/06/2022 02:03:33

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